भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खत्म हो चुका है, जहाँ भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 300 रन का मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया है।
भारत बनाम श्रीलंका दूसरा टेस्ट, पहला दिन: देवदत्त पडिक्कल का धमाकेदार शतक और मैदान पर बढ़ता रोमांच
कोलंबो का सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) ग्राउंड एक बार फिर ऐतिहासिक क्रिकेट जंग का गवाह बना। भारत और श्रीलंका के बीच चल रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल पूरी तरह से रोमांच, उतार-चढ़ाव और बेहतरीन बल्लेबाजी के नाम रहा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक अपनी पहली पारी में 5 विकेट खोकर 300 रन बना लिए हैं। इस स्कोर के साथ टीम इंडिया ने मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने भी नियमित अंतराल पर विकेट चटकाकर मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा नहीं होने दिया।
आइए नजर डालते हैं पहले दिन के खेल के उन मुख्य पहलुओं और हाइलाइट्स पर, जिन्होंने इस दिन को बेहद खास और रोमांचक बना दिया।
1. टॉस की बॉस बनी टीम इंडिया और सारांश जैन का डेब्यू
मैच की शुरुआत भारतीय खेमे के लिए सकारात्मक रही। कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता और बिना किसी झिझक के पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। गॉल टेस्ट में मिली शानदार जीत के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर था और कप्तान इस फ्लैट दिखने वाली पिच पर बड़ा स्कोर खड़ा करना चाहते थे।
इस मैच में भारतीय टीम संयोजन में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। अनुभवी मिस्ट्री स्पिनर कुलदीप यादव इन्फेक्शन (संक्रमण) के कारण इस मैच से बाहर हो गए। उनकी जगह 33 वर्षीय ऑलराउंडर सारांश जैन को टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने का सुनहरा मौका मिला। मैच शुरू होने से पहले अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने सारांश को उनकी टेस्ट कैप सौंपी, जो किसी भी क्रिकेटर के जीवन का सबसे भावुक और गर्व का क्षण होता है।
2. ओपनर्स की सधी शुरुआत और राहुल का विकेट
भारतीय पारी की शुरुआत करने उतरे यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों ने श्रीलंकाई तेज गेंदबाजों की नई गेंद से की जा रही धारदार गेंदबाजी का डटकर सामना किया। यशस्वी जहाँ अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में नजर आ रहे थे, वहीं राहुल क्रीज पर समय बिताने को प्राथमिकता दे रहे थे। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 37 रनों की साझेदारी हो चुकी थी और ऐसा लग रहा था कि भारत को एक बड़ी शुरुआत मिलने वाली है।
तभी 11वें ओवर में श्रीलंका के तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा ने इस साझेदारी को तोड़ा। उन्होंने एक शॉर्ट पिच और वाइड गेंद फेंकी, जिस पर केएल राहुल ने कट शॉट खेलने का प्रयास किया। गेंद राहुल के बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के दस्तानों में समा गई। राहुल 33 गेंदों में 18 रन बनाकर पवेलियन लौट गए और भारत को पहला झटका लगा।
3. यशस्वी जायसवाल की आक्रामक पारी और असिथा से तीखी बहस
राहुल के आउट होने के बाद भी यशस्वी जायसवाल ने रन गति को धीमा नहीं होने दिया। उन्होंने 53 गेंदों का सामना करते हुए 9 शानदार चौकों की मदद से 45 रनों की तेज तर्रार पारी खेली। वह अपने अर्धशतक के बेहद करीब थे, लेकिन श्रीलंका के प्रमुख तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने उन्हें अपनी एक बेहतरीन इन-स्विंगर गेंद पर बोल्ड कर दिया। गेंद टप्पा खाकर तेजी से अंदर आई और जायसवाल का डिफेंस भेदते हुए गिल्लियां बिखेर गई।
जायसवाल के आउट होने के बाद मैदान पर जबरदस्त ड्रामा और तनाव देखने को मिला। विकेट लेने के उत्साह में असिथा फर्नांडो ने यशस्वी को आक्रामक 'सेंड-ऑफ' (मैदान से बाहर जाने का इशारा) दिया, जिससे जायसवाल नाराज हो गए। दोनों खिलाड़ियों के बीच बीच मैदान पर तीखी बहस और कहासुनी शुरू हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा को बीच-बचाव करना पड़ा और उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को शांत कराया। 66 रन पर दूसरा विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम कुछ दबाव में दिख रही थी।
4. देवदत्त पडिक्कल और शुभमन गिल की संकटमोचक साझेदारी
दो विकेट जल्दी गिर जाने के बाद भारतीय पारी को संभालने की जिम्मेदारी नंबर 3 पर आए देवदत्त पडिक्कल और खुद कप्तान शुभमन गिल के कंधों पर आ गई। इन दोनों युवा बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की रणनीति को नाकाम करते हुए मैच का पासा पलट दिया। पडिक्कल को पारी की शुरुआत में श्रीलंका के फील्डर्स ने दो जीवनदान भी दिए, जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया।
शुभमन गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए बेहद शांत और संयमित अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने पडिक्कल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 120 रनों की बहुमूल्य और रिकॉर्ड साझेदारी की। इस दौरान दोनों बल्लेबाजों ने लंच के बाद के सेशन में श्रीलंका को विकेट के लिए तरसा दिया। शुभमन गिल ने 108 गेंदों में 6 चौकों की मदद से अपना अर्धशतक (50 रन) पूरा किया। हालांकि, पचास रन पूरे करते ही वह असिथा फर्नांडो की एक बाहर जाती शॉर्ट गेंद पर विकेट के पीछे डिकवेला को एक आसान सा कैच दे बैठे और एक खराब शॉट खेलकर आउट हो गए।
5. पडिक्कल का लगातार दूसरा टेस्ट शतक: पुजारा की आई याद
शुभमन गिल के आउट होने के बाद भी देवदत्त पडिक्कल का विलो (बल्ला) आग उगलता रहा। पडिक्कल ने गॉल टेस्ट की अपनी शानदार फॉर्म को यहाँ भी जारी रखा और श्रीलंका के स्पिन व पेस आक्रमण दोनों की जमकर क्लास ली। उन्होंने मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट्स खेले और देखते ही देखते 193 गेंदों में 12 चौकों की मदद से 117 रनों की शानदार शतकीय पारी खेल डाली।
यह पडिक्कल के टेस्ट करियर का लगातार दूसरा शतक है, जिसने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को चेतेश्वर पुजारा के स्वर्णिम दिनों की याद दिला दी। पडिक्कल ने नंबर 3 पर आकर जिस तरह से भारतीय पारी की नींव रखी, उसने यह साबित कर दिया कि वह इस स्थान के लिए सबसे उपयुक्त बल्लेबाज बनते जा रहे हैं। उन्हें अंततः स्पिनर केशरा नुवंथा ने बोल्ड कर पवेलियन भेजा।
6. ऋषभ पंत की चोट और जडेजा की जुझारू पारी
दिन के खेल में भारतीय फैंस के लिए एक चिंताजनक खबर भी सामने आई। नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने आए विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत जब केवल 3 रन पर खेल रहे थे, तब लाहिरू कुमारा की एक तेज रफ्तार शॉर्ट पिच गेंद सीधे उनके बाएं हाथ की कलाई के पास फोरआर्म (forearm) पर जा लगी। पंत दर्द से कराह उठे और तुरंत मैदान पर फिजियो को बुलाना पड़ा। काफी दर्द के कारण वह आगे बल्लेबाजी नहीं कर सके और उन्हें 3 रन के निजी स्कोर पर 'रिटायर्ड हर्ट' होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा।
पंत के जाने के बाद स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने कमान संभाली। जडेजा ने पडिक्कल के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 74 रन जोड़े। जडेजा खेल के दौरान क्रैम्प्स (मांसपेशियों में खिंचाव) से भी परेशान दिखे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 83 गेंदों में 43 रनों की बेहद महत्वपूर्ण पारी खेली। दिन के आखिरी ओवर में वह असिथा फर्नांडो की गेंद को छोड़ते समय गनशॉट बोल्ड हो गए। श्रीलंका के लिए असिथा फर्नांडो पहले दिन 3 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे।
पहले दिन का संक्षिप्त स्कोरकार्ड
भारत (पहली पारी): 300/5 (85 ओवर)
देवदत्त पडिक्कल: 117 रन (193 गेंद, 12 चौके)
शुभमन गिल: 50 रन (108 गेंद, 6 चौके)
यशस्वी जायसवाल: 45 रन (53 गेंद, 9 चौके)
रवींद्र जडेजा: 43 रन (83 गेंद, 4 चौके)
श्रीलंका गेंदबाजी
असिथा फर्नांडो: 16 ओवर, 46 रन, 3 विकेट
लाहिरू कुमारा: 13 ओवर, 38 रन, 1 विकेट
केशरा नुवंथा: 22 ओवर, 93 रन, 1 विकेट
निष्कर्ष और दूसरे दिन की उम्मीदें
पहले दिन का खेल खत्म होने पर भारत का स्कोर 300/5 है, जहाँ क्रीज पर विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल (7*) और अपना पहला मैच खेल रहे सारांश जैन (4*) नाबाद लौटे हैं। भारतीय टीम की नजरें अब दूसरे दिन इस स्कोर को 450 या 500 के पार ले जाने पर होंगी। फैंस उम्मीद करेंगे कि ऋषभ पंत की चोट गंभीर न हो और वह दूसरे दिन दोबारा बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतर सकें। दूसरी ओर, श्रीलंका की टीम सुबह के सेशन में बची हुई भारतीय लोअर-ऑर्डर को जल्दी समेटने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।